माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा के उद्धरणीय कथन

  • "हमारा संविधान सिर्फ एक कानूनी ढांचा नहीं है; यह एक नैतिक दिशासूचक है जो हमें न्याय की ओर ले जाता है।"
  • "याद रखें, कानून सिर्फ़ एक पेशा नहीं है, बल्कि यह समाज की सेवा है।"
  • "मानव तस्करी एक गंभीर अपराध है और समाज के लिए एक कलंक है।"
  • "कानून का इस्तेमाल दमन के हथियार के तौर पर नहीं, बल्कि न्याय के साधन के तौर पर किया जाना चाहिए।"
  • "एक आम आदमी न्यायपालिका से क्या उम्मीद करता है? वह न्याय चाहता है - निष्पक्ष और तेज़।"
  • "गरीबों को मिलने वाली कानूनी सहायता, घटिया कानूनी सहायता नहीं होनी चाहिए।"